
2026- 2027 में भारत में लिव-इन रिलेशनशिप के क्या नियम हैं?
- क्या बालिग अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुन सकते हैं?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 हर बालिग को यह अधिकार देता है कि वह:
अपनी पसंद का साथी चुन सकता है।
उसके साथ रह सकता हैं ।
बिना परिवार की अनुमति के विवाह या लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है:
“कोई भी बालिग व्यक्ति अपनी पसंद के साथी के साथ रहने के लिए स्वतंत्र है।”
- क्या परिवार जबरन शादी करवा सकता है?
नहीं परिवार जबरन शादी नहीं करवा सकता है
अगर लड़का–लड़की दोनों 18+ (महिला) और 21+ (पुरुष) हैं, तो:
परिवार जबरन शादी नहीं करा सकता है।
अगर परिवार वाले दबाव, धमकी या मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं तो यह सभी दंडनीय अपराध हैं ।
यदि परिवार फोर्स कर रहा है, तो कानूनी सुरक्षा ले सकते हैं।
- अगर परिवार दबाव डालता है तो क्या कानूनी उपाय हैं।
A. पुलिस सुरक्षा (Police Protection)
बालिग कपल SP या DM ऑफिस में आवेदन देकर सुरक्षा मांग
B. हाई कोर्ट में “Protection Petition”
हाई कोर्ट में याचिका लगाकर अपनी सुरक्षा और स्वतंत्रता की रक्षा करवाई जा सकती है।
C. विवाह में दबाव हो तो क्या करें?
महिला सेल मैं कंप्लेंट फाइल कर सकते हैं।
112 (इमरजेंसी) में कॉल कर सकती हो
जिला प्रशासन को शिकायत कर सकते हो।
इनसे तत्काल सहायता मिल सकती है।
- भारत में लिव-इन रिलेशनशिप की कानूनी स्थिति (2026–2027)
लिव-इन रिलेशनशिप भारत में:
पूरी तरह वैध है
किसी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं (यदि आप उत्तराखंड में लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हो या आप उत्तराखंड के निवासी हो तो आपको रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है)।
दोनों का बालिग होना अनिवार्य है
महिला की सुरक्षा के लिए कानून:
Domestic Violence Act, 2005 लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं को भी वही सुरक्षा देता है जो शादीशुदा महिलाओं को मिलती है।
बच्चे की वैधता:
सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चे वैध (Legitimate) माना है।
- लिव-इन रिलेशनशिप में सुरक्षित तरीके से रहने के सुझाव:

कानूनी रूप से सुरक्षित रहने के लिए:
लिव इन रिलेशनशिप एग्रीमेंट बनवा के रखें।
एक-दूसरे की सहमति लिखित में रखें।
पहचान पत्र रखें।
किसी भी प्रकार का दबाव या धमकी हो तो तुरंत शिकायत करें।
अपने रिश्ते में पारदर्शिता रखें।
- क्या कपल भागकर रह सकते हैं? (कानूनी जवाब)

यदि दोनों बालिग हैं और स्वेच्छा से साथ रह रहे हैं, तो:
इसे “भागना” नहीं कहा जाता
यह पूरी तरह कानूनी अधिकार है
पुलिस किसी भी बालिग व्यक्ति को रोक नहीं सकती है।
केवल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है
लेकिन याद रखें:
किसी तरह की जबरदस्ती, धोखाधड़ी या नाबालिग को लेकर जाना अपराध है।
- निष्कर्ष —
भारत में हर बालिग को यह अधिकार है कि वह:
अपनी पसंद का साथी चुने।
विवाह करे या न करे।
लिव-इन रिलेशनशिप में रहे।
परिवार की सहमति आवश्यक नहीं है।
कानून हमेशा व्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता है।
यदि आपको किसी भी प्रकार की कानूनी जानकारी या मार्गदर्शन चाहिए, तो आप हमारी हेल्पलाइन नंबर पर सीधे संपर्क कर सकते हैं। हमारी वेबसाइट के माध्यम से व्हाट्सएप पर भी संदेश भेजकर आप लीगल कंसल्टेंसी सर्विस प्राप्त कर सकते हैं।
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